यहां है धरती का नागलोक, कोबरा जैसे सांपों का है बसेरा

5 अगस्त को नाग पंचमी ( Nag Panchami 2019 ) है। इस दिन सावन सोमवार ( sawan somwar ) भी पड़ रहा है। सावन ( Sawan 2019 ) महीने में पड़ने वाला यह तीसरा सोमवार है। सबसे खास बात ये है कि इसी दिन नाग पंचमी भी है। इस दिन भगवान शिव ( Lord Shiva ) के साथ-साथ नागदेव की भी पूजा होगी। इस दिन श्रद्धालु नाग ( सांप ) को दूध भी पिलाएंगे। लेकिन क्या आपको पता है कि धरती पर आज भी नागलोक ( Naglok ) है।

Naglok

नागलोक के होने की बात अजीब लग रही है। पर जरा सोचिए अगर सच में आज के जमाने में नागलोक हो तो क्या होगा और अगर वह नागलोक धरती पर ही हो तो क्या होगा। जी हां, छत्तीसगढ़ ( Chhattisgarh ) में एक ऐसी जगह है, जिसे नागलोक के नाम से जाना जाता है। यहां के जशपुर जिले को नागलोक के नाम से जाना जाता है। क्योकि जशपुर देशभर की सिर्फ एक ऐसी जगह है जहां कोबरा ( Cobra ) और करैत जैसे जहरीले सांपों का बसेरा है।

Naglok

गर्मियों और बारिश में यह जगह पूरी तरह सांपों ( snakes ) से घिर जाता है। क्योकि गर्मी में तपती जमीन के कारण सांप बिल से बाहर घूमते रहते हैं। जशपुर में कई प्रकार के जहरीले सांपों की प्रजातियां पाई जाती है। यहां इन जहरीले सांपों की वजह से हर साल सैकड़ों लोगों की मौत हो जाती है। इस जगह पर सांप खतरे की आशंका मात्र पर हमला कर देता है।

Naglok

छत्तीसगढ़ और झारखंड ( Jharkhand ) की सीमा पर जशपुर जिले के ऐसे गांव जहां पर आदिवासी रहते हैं। यहां बारिश होते ही सांपों का जोड़ा विचरण करने लगते हैं। यहां गर्मी में तपती जमीन से परेशान होकर और बारिश में बिल में पानी भर जाने से सांप बाहर दिखने लगते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जगह और यहां का वातावरण सांपों के लिए अनुकूल है।

Naglok

70 से ज्यादा सांपों की प्रजातियां है मौजूद

माना जाता है कि यहा पर सांपों की 70 से ज्यादा प्रजातियां मौजूद हैं। जिनमें कुछ ऐसी प्रजातियां शामिल हैं जो देशभर में सिर्फ यहीं पाई जाती हैं। इस स्थान पर कोबरा की 4 अलग-अलग प्रजातियां पाई जाती हैं। दुनियाभर में सबसे जहरीले सांप के नाम से मशहुर किंग कोबरा ( king cobra ) की प्रजाति भी यहां पाई जाती है। इसके अलावा यहां पर वाइपर और माम्बा जैसे सांप भी पाए जाते हैं।



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