गौतम गंभीर ने शाहिद आफरीदी पर किया पलटवार, कहा- भारत में मनोचिकित्सक से मिलने आ जाओ

नई दिल्ली : जब से पाकिस्तानी पूर्व स्पिन आउलराउंडर शाहिद अफरीदी की आत्मकथा आई है, वह विवादों में है। उन्होंने अपनी आत्मकथा 'गेम चेंजर' में अपनी उम्र का खुलासा किया है। उन्होंने कहा था कि उन्होंने जिस वक्त क्रिकेट में डेब्यू किया उस वक्त उनकी उम्र 16 साल नहीं थी। इसके अलावा उन्होंने अपनी इस किताब में भारतीय ओपनर गौतम गंभीर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने उन्हें व्यक्तित्वविहीन करार दिया है। इस पर पलटवार करते हुए शाहिद आफरीदी को भारत आकर मनोचिकित्सक से मिलने की सलाह दी। यह पहली बार नहीं है, जब गौतम गंभीर और शाहिद आफरीदी के बीच तकरार का मामला सामने आया है। अपने क्रिकेटीय करियर के दौरान भी दोनों कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। इसके अलावा पुलवामा हमले के बाद भी गौतम गंभीर ने शाहिद आफरीदी को करारा जवाब दिया था।

गंभीर ने ट्वीट कर किया हमला
गौतम गंभीर क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और वह भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़़ रहे हैं। उन्होंने अफरीदी के इस आरोप पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया है, 'शाहिद अफरीदी तुम बहुत मजाकिया हो। वैसे हम अब भी पाकिस्तान के लोगों को इलाज कराने के लिए भारत का वीजा दे रहे हैं। मैं तुम्हें खुद मनोचिकित्सक के पास ले जाऊंगा।'

 

आत्मकथा में आफरीदी ने गंभीर के साथ विवादों का किया है जिक्र
शाहिद आफरीदी ने अपनी आत्मकथा में पूर्व भारतीय बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के साथ अपने विवादों का जिक्र किया है। उन्होंने गंभीर के बारे में अपनी किताब में लिखा है कि उनका अपना कोई व्यक्तित्व नहीं है। उनमें बहुत ज्यादा एटिट्यूड है। उन्होंने लिखा है, 'कुछ प्रतिस्पर्धा पर्सनल होती हैं तो कुछ प्रोफेशनल। गंभीर का मामला दिलचस्प है। उनमें एट्टीट्यूड की समस्या है। उनका अपना कोई व्यक्तित्व नहीं है और क्रकेट के खेल में उनका कोई चरित्र भी नहीं है। उनके पास कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं है बस एट्टीट्यूड है।'

कहा- सकारात्मक लोग पसंद
अपनी आत्मकथा में अफरीदी ने आगे लिखा, 'कराची में ऐसे लोगों को सारयाल (जो हमेशा गुस्से में रहे) कहते हैं। लेकिन मुझे खुश और सकारात्मक लोग पसंद हैं। यह मायने नहीं रखता कि आप कितने आक्रामक और प्रतिस्पर्धी है, लेकिन आपको सकारात्मक होना चाहिए और गंभीर ऐसे नहीं थे।'

पूर्व मेंटल कंडिशनिंग कोच पैडी अपटन ने भी गंभीर को बताया नकारात्मक व्यक्तित्व
इसी हफ्ते भारत के पूर्व मेंटल कंडिशनिंग कोच पैडी अपटन की भी किताब 'द बेयरफुट कोच' आई थी। उसमें उन्होंने भी गौतम गंभीर को नकारात्मक व्यक्तित्व का व्यक्ति बताया था। उन्होंने अपनी किताब में लिखा, 'मैंने और तब के कोच गैरी कर्स्टन ने गंभीर के साथ सब कुछ किया, लेकिन यह खिलाड़ी नकारात्मक और निराशावादी था। मानसिक मजबूती की धारणा के तहत मैंने जिन लोगों के साथ काम किया, उनमें गौतम गंभीर सबसे कमजोर और मानसिक रूप से सबसे असुरक्षित लोगों में से एक थे।' इसके अलावा उन्होंने यह भी लिखा कि लेकिन इस बात में भी कोई शक नहीं कि वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ, सबसे दृढ़ और सफल टेस्ट बल्लेबाजों में से एक थे। गंभीर ने 2011 विश्व कप फाइनल में इसे साबित भी किया।



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