एक्सीडेंट होने के अलावा भी काम आता है कार इंश्योरेंस, आपने कराया क्या

नई दिल्ली: आज के दौर में कार लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है। इन सबके बीच अच्छी बात ये है कि कार खरीदना अब काफी आसान हो गया है। देखा जाता है कि कार खरीदने के बाद लोग अपनी कार की खुद से ज्यादा केयर करते हैं। कार की सफाई, उसे ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने से बचाना और न जाने क्या क्या, लेकिन अगर आप कार इंश्योरेंस ( car insurance ) नहीं खरीदते तो आपकी ये सारी कोशिशें बेकार हो जाती है।

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कई बारगी आप तो गाडी़ ठीक से चलाते हैं लेकिन दूसरे इंसान की गलती का खामियाजा आपकी गाड़ी को भुगतना पड़ता है। ऐसे में अपनी कार के लिए बीमा लेना समझदारी भरा निर्णय होता है। कार इंश्योरेंस न सिर्फ एक्सीडेंट में कार को नुकसान होने पर आर्थिक रूप से मददगार होता है, बल्कि कार के चोरी होने या उसमें तोड़-फोड़ होने पर आर्थिक मदद भी उपलब्ध करवाता है। मोटर वाहन एक्ट 1988 के तहत भी किसी मोटर वाहन के लिए ऐसा बीमा लेना अनिवार्य है जो दूसरों की जिंदगी और संपत्ति को पहुंचे नुकसान को कवर करता हो। बीमा नहीं लेने से आपको भारी जुर्माना भी चुकाना पड़ सकता है।

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प्राइवेट कार बीमा पॉलिसी में 3 तरह के फायदे होते हैं-

  1. कार चोरी होने या कार को नुकसान होने पर- अगर गाड़ी को किसी भी तरह से नुकसान होता है तो वो इस सेक्शन के अन्तर्गत ही कवर होता है।भूकंप से लेकर आग, सेंधमारी, भूस्खलन, दंगा होने या चोरी होने, तूफान, साइक्लोन किसी भी तरह से नुकसान होने पर कंपनी आपको क्लेम देगी।
  2. थर्ड पार्टी को नुकसान होने पर- अगर आपकी गाड़ी से किसी और को किसी तरह का नुकसान होता है तो इसका खर्च भी बीमा कंपनी उठाएगी।
  3. कार ड्राइवर या मालिक को फिजीकल नुकसान या जान जाने पर- ऐसे हालात में बीमा कंपनी नुकसान के एवज में जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी होती है।

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वैसे कार के लिए नेशनल बीमा पॉलिस भी होती है आपर चाहें तो वो भी करा सकते हैं।



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