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ट्विटर ने किया स्वीकार कि नहीं माने थे नए नियम, सरकार कार्रवाई के लिए स्वतंत्र

नई दिल्ली। देशभर में 25 मई 2021 से लागू नए आईटी नियमों को लेकर केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बीच विवाद चल रहा है। इस तकरार के बीच अब माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने अब अपनी गलती स्वीकार कर ली है। दरअसल, मंगलवार को ट्विटर ने दिल्ली हाईकोर्ट में ये माना कि कंपनी ने भारत सरकार की ओर से बनाए गए नियमों का पालन नहीं किया है।

ट्विटर की ओर से अपनी गलती स्वीकार करने पर हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया कि केंद्र सरकार अपनी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और कंपनी को अब सुरक्षा नहीं दी जा सकती है। इतना ही नहीं, कोर्ट ने ट्विटर की ओर से शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति में की जा रही देरी पर भी नाराजगी जाहिर की।

दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रेखा पाली ने सुनवाई करते हुए ट्विटर के प्रतिनिधियों से पूछा कि आखिर आपको इस प्रक्रिया में और कितना समय लगेगा। इसपर ट्विटर की ओर से कोई ठोस और संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसपर न्यायमूर्ति रेखा पाली ने स्पष्ट और तल्ख अंदाज में कहा कि यदि ट्विटर को ऐसा लग रहा है कि वह भारत में जितना समय चाहे उतना ले सकता है तो मैं इसकी अनुमति कभी नहीं दूंगी।
कोर्ट ने ट्विटर को लगाई फटकार
मालूम हो कि भारत सरकार ने आईटी नियमों में परिवर्तन किया है और नया आईटी नियम बीते 25 मई से पूरे देशस में लागू है। इस नए आईटी नियम के अनुसार, भारत में कार्यरत तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जिनकी यूजर्स संख्या 50 लाख से अधिक हो उन्हें एक शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्त करना अनिवार्य है। इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सरकार के बीच विवाद चल रहा है। अभी हाल ही में ट्विटर की ओर से अंतरिम शिकायत अधिकारी की नियुक्ति की गई थी, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
इस मामले पर हाईकोर्ट ने ट्विटर से पूछा कि यदि उन्होंने इस्तीफा दिया तो कम से कम किसी दूसरे व्यक्ति को नियुक्त किया जा सकता था। इसपर ट्विटर ने कहा कि हम नए अधिकारी की नियुक्ति करने जा रहे हैं। ट्विटर के इस जवाब पर फटकार लगाते हुए कोर्ट ने पूछा कि आखिर ये प्रक्रिया कब पूरी होगी? कोर्ट ने ट्विटर के वकील से स्पष्ट कहा कि आप अपने क्लाइंट (ट्विटर) से पूछकर बताएं कि शिकायत अधिकारी को नियुक्त करने में कितना वक्त लगेगा।



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