कोरोना वायरस का भय भी तिहाड़ जेल आने से लोगों को नहीं रोक सका

नई दिल्ली। निर्भया के साथ एकजुटता दिखाने और सात साल बाद उसे मिले न्याय को लेकर खुशी जाहिर करने के लिए कोविड-19 संक्रमण का भय भी तिहाड़ के बाहर लोगों को इकट्ठा होने से नहीं रोक सका। निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे फांसी दे दी गई। सात साल पहले 2012 में पैरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा के साथ चलती बस में बेहद क्रूरता के साथ दुष्कर्म किया गया था, बाद में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।

जेल के बाहर तिरंगा झंडा लेकर जश्न मनाते रहे लोग

लोग गुरुवार देर रात से ही तिहाड़ जेल के बाहर जुटने लगे थे। धीरे-धीरे जेल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग मौजूद हो गए। लोग हाथों भारत का तिरंगा झंडा लेकर जश्न मनाते हुए दिखे। इसमें युवा, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल थी। एक तरफ जहां कोरोना वायरस को लेकर जहां लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर निर्भया के इंसाफ मिलने पर एक साथ लोग जुटने लगे।

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निर्भया के साथ एकजुटता दिखाने के लिए राज्य के बाहर से भी आए लोग

दिल्ली के हरि नगर के रहने वाले रविंदर सिंह बख्शी ने कहा, कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते मेरी पत्नी ने मुझे बाहर नहीं जाने को कहा, लेकिन मेरी बहन को आज न्याय मिलने जा रहा था और मैं अपनी खुशी को जाहिर नहीं कर पा रहा था।"

विशेष रूप से निर्भया के साथ एकजुटता दिखाने के लिए मध्य प्रदेश से यहां आई एक अन्य महिला ने कहा, आखिरकार न्याय हुआ, मैं अपनी आंखों के सामने न्याय मिलता देखने के लिए यहां आई हूं।"

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दिल्ली में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ा

यह भीड़ ऐसे समय में एकत्रित हुई, जब दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए महामारी घोषित किया है । साथ ही एक स्थान पर 20 लोगों से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अभी तक यहां कई मामले सामने आ चुके हैं।



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