Aaj Ka Ank Jyotish: आज अंक 3 वाले जातकों को मिलेगा कोई बड़ा लाभ, दिन उत्तम
ज्योतिषाचार्य गुलशन अग्रवाल
अंक 01- यथोचित न्याय मिलने से न्यायपालिका पर विश्वास बरकरार रहेगा। तकरीबन कार्यों में भाग्य की प्रबलता देखने को मिलेगी। सोचे हुए कार्य पूर्ण होने की स्थिति बनती है।
अनुकूलता के लिए- संत प्रवचन सुनें।
अंक 02- कारोबार में नित्य प्रक्रियाओं को अपनाने के साथ-साथ वैकल्पिक मार्ग की ओर ध्यान देने की जरूरत महसुस होगी। साझेदारी में उपजे मतभेद सप्ताहमध्य बाद कम होने लगेंगे।
अनुकूलता के लिए- घर में कुछ देर गीता पाठ करें।
अंक 03- मन इच्छित कार्यों के असफल होने से भाग्य व परमात्मा दोनों पर से विश्वास में कमी आएगी। संबंधों में गरीमा को ध्यान में रखते हुए सोच को लागु करने का प्रयास न करें।
अनुकूलता के लिए- गुलाबी रंग का कोई भी एक वस्त्र धारण करें।
अंक 04- निजी संबंधों में अत्यधिक धन खर्च के योग बनते हैं जो कि अर्थ की कमी करवा सकते हैं। पैतृक कारोबार में कर्जे पर नियंत्रण पाने में असफल साबित होंगे।
अनुकूलता के लिए- परीचित व्यक्ति को उपहार देने से बचें।
अंक 05- लाभार्जन के लिए निर्णय लेना है तो भावनाओं से परे हटकर किसी की सलाह से निर्णय लें। अतिरिक्त कामकाज में समय को देखते हुए साझेदारी के महत्व को समझना होगा।
अनुकूलता के लिए- देवी मंदिर में निंबुओं की माला चढ़ाएं।
अंक 06- निर्णयात्मक स्थिति में असमंजस्य होने पर निर्णयों को कुछ दिनों के लिये अधुरा छोड़ना ठीक रहेगा। नौकरी में परिवर्तन के योग बनते हैं। अतः सोच समझकर फैसला लें।
अनुकूलता के लिए - तामसिक भोजन ग्रहण न करें।
अंक 07- कर्ज लेने देने में औपचारिकताओं को पुरा करने में किसी भी तरह की कोई भी लापरवाही न बरतें। भोग विसालिता से जीने की इच्छा अत्यधिक धन खर्च करवा सकती है।
अनुकूलता के लिए- प्रातःकाल शिव-पार्वती के दर्शन करें।
अंक 08- अतिरिक्त व्यवसाय में अचानक प्राप्त हुए धन को बचत योजनाओं में लगाना भविष्य के लिये हितकारी रहेगा। धार्मिक कार्यों में व्यवधान आने से मन विचलित रहेगा।
अनुकूलता के लिए- काले श्वान को मीछी रोटी खिलाएं।
अंक 09- न्यायायिक मुद्दों को आदत या सोच के अनुसार निपटाने के बजाए नीतिगत तरीकों से हल करने की ओर जोर दें। नौकरी में अल्प समय के लिए परिवर्तन के योग बनते हैं।
अनुकूलता के लिए- जीवमात्र को परेशान करने से बचें।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal
Read The Rest:patrika...
Post a Comment