जब UN में पाकिस्तान के नए प्रतिनिधि मुनीर अकरम पर लिव-इन पार्टनर ने लगाए थे गंभीर आरोप

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी स्थाई सदस्य मलीह लोधी को हटाने का फैसला लिया। यह कदम पाकिस्तान ने इसलिए लिया क्योंकि कई देशों से समर्थन की मिन्नत के बाद भी न तो उसे कामयाबी मिली और यहां तक की UN में भी उसकी आवाज नहीं सुनी गई। अब पाकिस्तान ने इस पद के लिए मुनीर अकरम को नियुक्त किया गया है। सोमवार को विदेश मंत्रालय ने इस बारे में घोषणा की।

2003 में लगे थे गंभीर आरोप

मुनीर अकरम इससे पहले भी 2002 से 2008 के बीच इस पद को संभाल चुके हैं। एक हार्डलाइनर की छवि वाले मुनीर को उस वक्त पद से हटाया गया था, जब उन्हें UN में बेनजीर भुट्टो के हत्या का मामला उठाने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। लेकिन मुनीर इस वाकये से पहले भी चर्चा में या यूं कहें कि विवादों में आ चुके हैं। दरअसल, वर्ष 2003 में मुनीर पर घरेलू हिंसा का मामला दर्ज हुआ था।

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने संरक्षण लिया था वापस

अकरम पर उनकी लिव-इन पार्टनर मरीजाना मिहिक के साथ मारपीट करने के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। मरीजाना ने बताया था कि अकरम पहले भी उनके साथ मारपीट कर चुके हैं। ये मामला इतना गंभीर हो चुका था कि अमरीकी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से उन्हें मिले राजनयिक सरंक्षण को वापस लेने के लिए कहा था। मंत्रालय ने अकरम पर मुकदमा चलाने के लिए ये आदेश दिए थे। इसके बाद पाकिस्तान को मजबूरी में उन्हें वापस बुलाना पड़ा था।
हालांकि, महीनेभर बाद ही आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट कर जांच बंद कर दिया था।

भारत के खिलाफ जहर उगलने में माहिर

अब इमरान सरकार इस उम्मीद में उन्हें वापस भेज रही है कि वहां लोग इस मामले को भूल चुके हैं। सबसे जरूरी बात ये है कि अकरम खुलकर भारत के खिलाफ जहर उगलते हैं। यही नहीं, अकरम कश्मीर पर भी आक्रामक छवि रखते हैं और वहां के लोगों को हथियार उठाने के लिए भड़काते रहते हैं।



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