छोटी कार नहीं बल्कि SUV की बढ़ रही है मांग, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली: ऑटोमोबाइल सेक्टर में हमेशा से छोटी कारों की डिमांड रहती है । अभी तक मार्केट के 60-70 फीसदी शेयर्स पर इन कारों का कब्जा होता है। सेकिन अब ऐसा नहीं होगा। suv की बढ़ती डिमांड को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2020 तक यूटिलिटी वीइकल्स की बिक्री हैचबैक (छोटी कारों) से ज्यादा हो सकती है और ये सेगमेंट बिक्री का सबसे बड़ा सेगमेंट बनकर उभर सकता है।

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वीइकल्स मार्केट का अनुमान लगाने वाली फर्म IHS मार्किट के मुताबिक, 2019 के अंत तक हैचबैक और यूटिलिटी वीइकल्स के शेयर में केवल दो पर्सेंट का अंतर रह जाएगा। हाल के दिनों में लॉन्च हुई SUV सेल्टॉस, वेन्यू, हेक्टर और XL6 की डिमांड मार्केट में छोटी कारों से कहीं ज्यादा है । इन कारों का वर्तमान शेयर सितंबर में यूटिलिटी वीइकल्स का मार्केट शेयर बढ़कर 40 पर्सेंट पहुंच गया।

अगले तीन साल में कम से कम तीन दर्जन यूटिलिटी व्हीकल लॉन्च होने वाली हैं। इस दौरान एक दर्जन हैचबैक मार्केट में आएंगी, जिनमें ज्यादातर मारुति सुजुकी के मॉडल होंगे।

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माइक्रो suv की बढ़ रही है डिमांड-

ऑटोमोबाइल कंपनियां SUV की बढ़ती मांग को देखकर suv डिजाइन की छोटी कारें बनाने पर मजबूर हो गए हैं। क्विड और एसप्रेसो इसी का उदाहरण हैं। अगले कुछ सालों में Hyundai मोटर, टाटा मोटर्स, रेनॉ-निसान और PSA 5-7 लाख की स्मॉल और माइक्रो SUV लाने वाली हैं।



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