कर्नाटक: जी परमेश्वर के भतीजे ने कबूला पैसे के एवज में एडमिशन की बात, NEET से भी बड़े घोटाले का हो सकता है खुलासा

नई दिल्‍ली। आगामी कुछ दिनों में कर्नाटक में नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट ( NEET ) से भी बड़े घोटाले का भंडाफोड़ हो सकता है। कांग्रेस-जेडीएस सरकार में डिप्टी सीएम रहे जी परमेश्वर के भतीजे के कॉलेज में पड़े आयकर विभाग के छापे में अधिकारियों को करीब 5 करोड़ रुपए मिले।

छापेमारी के दौरान आयकर अधिकारियों को कई अहम जानकारियां और दस्तावेज भी मिले हैं, जिससे सभी डीम्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन के तरीकों पर सवाल उठते हैं।

दरअसल, जी परमेश्वर का परिवार श्री सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज ( SSMC ) चलाता है। उनके भतीजे डॉ. जीएस आनंद मेडिकल कॉलेज की प्रशासनिक टीम के सदस्य हैं। यहां पैसे देकर मेडिकल सीट के इंतजाम के एवज में 60 लाख रुपए तक लिए जा रहे थे। इसके लिए मेरिट-लिस्ट को भी दरकिनार कर दिया जाता था।

पैसे क एवज में एडमिशन

परमेश्वर के भतीजे जीएस आनंद ने अधिकारियों के सामने ये बात कबूल भी कर ली है। उन्होंने माना कि मोटे पैसों के एवज में लो रैंक वाले स्टूडेंट्स को मेरिट वाले स्टूडेंट्स से पहले सीट दी जाती थी। जीएस आनंद के इस कबूलनामे के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्षेत्रीय आर्थिक खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है।

ऐसे चल रहा था गोरखधंधा

आयकर विभाग के अधिकारियों की मानें तो छापेमारी के दौरान पता चला कि मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी के जरिए जो मेडिकल सीटें मुहैया कराई जानी थीं, उन्हें चालाकी से इंस्टीट्यूशनल कोटा की सीटों में बदल दिया गया था। ऐसा ड्रॉपआउट सिस्टम के जरिए किया गया था।
SSMC में एडमिशन की आखिरी प्रक्रिया में 300 सीटों में से 185 सीटें खाली रह गई थीं। हर सीट 50 से 65 लाख रुपए में बेची गई थी। ऐसे में एक साल में ये पूरा स्कैम करीब 100 करोड़ का होता था।

क्या कहते हैं आयकर अधिकारी?

आयकर विभाग के प्रधान निदेशक (जांच) आर रविचंद्रन ने कहा कि फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। कुछ स्टूडेंट्स से भी बात की जा रही है। आर रविचंद्रन का कहना है कि इन ड्रॉपआउट स्टूडेंट्स में से कुछ स्टूडेंट्स राजस्थान के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। इनमें से कुछ तो सेकेंड या थर्ड ईयर में हैं। ऐसे में इन स्टूडेंट्स का SSMC कॉलेज में एडमिशन लेने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता।
जांच के दौरान हमने ये नोटिस किया कि हर मेडिकल एडमिशन पर एक पैटर्न फॉलो किया जाता था। एडमिशन लेकर ऐन वक्त पर सीट छोड़ने वाले 185 स्टूडेंट्स में से ज्यादातर एक ही कोचिंग सेंटर से थे या कोटा के एफिलिएटेड सेंटर से थे। इसी से हमें एडमिशन प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका हुई।

कर्नाटक में 8 डीम्ड यूनिवर्सिटी

कर्नाटक में 8 डीम्ड यूनिवर्सिटी हैं। संभव है कि इनमें से करीब सभी ने एडमिशन के लिए बाइ-पास तरीका ही अपनाया हो। देश में कुल 35 डीम्ड यूनिवर्सिटी हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि यहां एडमिशन प्रक्रिया कैसी होगी।

बता दें कि कांग्रेस-जेडीएस सरकार में उप मुख्‍यमंत्री रहे जी परमेश्वर के भतीजे डॉ. जीएस आनंद श्री सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक टीम के सदस्य हैं। जीएस आनंद इस कॉलेज को फैमिली एजुकेशन बिजनेस के तौर पर चलाते थे। यहां पैसे देकर मेडिकल सीट के इंतजाम के एवज में 60 लाख रुपए तक लिए जा रहे थे।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal
Read The Rest:patrika...

No comments

Powered by Blogger.