कालेधन पर सरकार को मिली बड़ी सफलता, स्विस बैंक में जमा पैसे के बारे में मिली जानकारी
नई दिल्ली। ब्लैकमनी के खिलाफ चल रही लड़ाई में भारत को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भारत को स्विस बैंक में खाता रखने वाले नागरिकों की जानकारी मिल गई है। यह सभी अकाउंट अभी सक्रिय हैं। ऑटोमेटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन एग्रीमेंट के तहत स्विस बैंक से पहली किस्त के तौर पर यह जानकारी हासिल हुई है। भारत उन 75 देशों में शामिल है, जिनके साथ संघीय कर प्रशासन (एफटीए) ने लगभग 31 लाख वित्तीय खातों की जानकारी का आदान-प्रदान किया है।
AEOI के तहत मिली जानकारी
यह सूचना ग्लोबल स्टैंडर्ड ऑन द ऑटोमेटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन (एईओआई) के तहत प्रदान की गई। पिछले साल पहले एक्सचेंज में कोई तकनीकी समस्या सामने नहीं आई थी। इस साल एईओआई में कुल 75 देश शामिल हैं। स्विट्जरलैंड के एफटीए ने इनमें से 63 देशों को एईओआई के वैश्विक मानदंडों के तहत वित्तीय खातों के ब्योरे का परस्पर आदान-प्रदान किया है, जिनमें भारत भी शामिल है।
एफटीए प्रवक्ता ने दी जानकारी
एफटीए प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि इस व्यवस्था के तहत अगली सूचना सितंबर, 2020 में साझा की जाएगी। हालांकि, सूचनाओं के इस आदान प्रदान की कड़े गोपनीयता प्रावधान के तहत निगरानी की जाएगी। एफटीए के अधिकारियों ने भारतीयों के अकाउंट्स की संख्या या उनके खातों से जुड़ी फाइनेंशियल एसेट्स का ब्योरा साझा करने से इनकार किया। कुल मिलाकर एफटीए ने भागीदार देशों को 31 लाख फाइनेंशियल अकाउंट्स की सूचना साझा की है। वहीं, स्विट्जरलैंड को करीब 24 लाख अकाउंट्स की जानकारी प्राप्त हुई है।
ये देश भी हैं शामिल
आपको बता दें कि करीब 12 देश ऐसे हैं, जिनसे स्विट्जरलैंड को सूचना तो प्राप्त हुई है, लेकिन उसने उनको कोई सूचना नहीं भेजी है क्योंकि ये देश गोपनीयता और डेटा सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय अनिवार्यताओं को पूरा नहीं कर पाए हैं। इन देशों में बेलीज, बुल्गारिया, कोस्टारिका, कुराकाओ, मोंटसेराट, रोमानिया, सेंट विसेंट, ग्रेनाडाइन्स, साइप्रस शामिल हैं। इसके अलावा डेटा प्राप्त करने का विकल्प नहीं चुनने वाले देशों में बरमूडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, केमैन आइलैंड, तुर्क और कैकोस आइलैंड शामिल हैं।
31 लाख खातों की जानकारी भेजी
एफटीए ने बैंकों, ट्रस्ट और बीमा कंपनियों सहित करीब 7,500 संस्थानों से ये आंकड़े जुटाए हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी सबसे अधिक सूचनाओं का आदान-प्रदान जर्मनी को किया गया है। एफटीए ने अपने भागीदारों को लगभग 31 लाख वित्तीय खातों की जानकारी भेजी है। इसके अलावा उसने उनसे लगभग 24 लाख जानकारी प्राप्त की। उम्मीद जताई जा रही है कि स्विस बैंक के इस कदम से भारत को विदेशों में अपने नागरिकों द्वारा जमा कराए गए कालेधन के खिलाफ लड़ाई में काफी मदद मिलेगी।
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