नासा के वैज्ञानिकों का चिंताजनक खुलासा- इस कारण बार-बार आ रहे हैं भयानक तीव्रता वाले भूकंप

वाशिंगटन। पाकिस्तान में मंगलवार को तगड़े भूकंप के झटकों ने दर्जनों जिंदगियां निगल लीं। कई इलाके लगातार ऐसे भूकंप के झटकों का सामना कर रहे हैं। इस विषय पर नासा के वैज्ञानिकों ने बेहद चिंताजनक खुलासा किया है। नासा वैज्ञानिकों ने उस कारण का खुलासा किया है, जो इन झटकों का कारण हैं और आनेवाले दिनों में एक बड़े और विनाशकारी भूकंप का रूप ले सकते हैं।

बड़े भूकंप का बढ़ रहा है खतरा

नासा वैज्ञानिकों के मुताबिक, धरती की अपनी धुरी पर घूमने की रफ्तार अपेक्षा से धीमी हो रही है, इस कारण भूकंप आने की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल, धरती अपनी धुरी पर 1,670 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घूम रही है, जो कि सामान्य गति से धीमी है। इसके चलते चंद्रमा धरती से दूर होता जा रहा है। अब वैज्ञानिकों ने चेताया है कि इस रफ्तार के कम होने से बड़े भूकंप आने की प्रबल आशंका है।

earthquake temor

बढ़ रहा विनाशकारी भूकंप का खतरा

नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के सोलर सिस्टम एम्बेस्डर मैथ्यू फुन्के ने इस रिपोर्ट के बारे में बताया। उनके मुताबिक, चंद्रमा की ग्रैविटी (गुरुत्वाकर्षण) पृथ्वी पर एक ज्वारीय उभार बनाता है जो धरती की घूर्णन गति से घूमने का प्रयास करता है। इसके परिणामस्वरूप धरती की रफ्तार सुस्त पड़ती जा रही है। ऐसी स्थिति में भूकंपीय घटनाएं बढ़ जाती है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चंद्रमा हर साल लगभग डेढ़ इंच पृथ्वी से दूर जा रहा है। और धरती की रफ्तार धीमी पड़ रही है। अब तक तो पृथ्वी की रफ्तार मंद पड़ने पर चंद्रमा इसे संतुलित करने के लिए अपनी कक्षा में थोड़ा और आगे बढ़ जाता है। लेकिन अब जो योग बन रहे हैं उससे भविष्य में धरती पर बड़े भूकंप आ सकते हैं। आपको बता दें कि भूकंप एक ऐसी विपदा है जिसे इंसान आज तक डीकोड नहीं कर सका है।

Earthquake file

साल 1900 के बाद बड़े भूकंपों की फ्रीकवेंसी बढ़ी

वहीं, कोलोराडो यूनिवर्सिटी ने अपने शोध में पाया है कि साल 1900 के बाद से सात से अधिक की तीव्रता वाले भूकंपों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे पहले लंदन के वैज्ञानिक माइकल स्टीवंस ने भी धरती के घुमने को लेकर बड़ा खुलासा किया था। अपने स्टडी के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि अगर धरती एकाएक घूमना बंद कर दे तो हवा 1,670 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी। यह तूफानी हवा अपने रास्ते में आने वाली हर चीज का विनाश करते हुए आगे बढ़ेगी। यही नहीं, लोग किसी बंदूक की गोली की रफ्तार से एक दूसरे से टकराएंगे। वातावरण ऐसा बनेगा जैसा परमाणु विस्फोट के बाद होता है।



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