अब इमरान खान ने खुद किया खुलासा, 'मुजाहिद्दीन को दी थी ट्रेनिंग, खर्च किए थे सात लाख करोड़'
इस्लामाबाद। पाकिस्तान आतंक के मुद्दे वैश्विक स्तर पर जलील होने के बाद अब खुद ही एक-एक कर अपने राज खोल रहा है। गुरुवार को पाकिस्तान के गृहमंत्री ने खुलासा किया था कि आतंकी पाकिस्तान सरकार के इशारों पर काम करते हैं। इसके बाद अब खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आतंक को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया है।
सात लाख करोड़ रुपये भी फूंके
इमरान खान ने कबूल किया है कि पाकिस्तान ने न सिर्फ आतंकी संगठन मुजाहिद्दीन को ट्रेनिंग दी है, बल्कि उनपर अपनी अर्थव्यवस्था के 100 बिलियन डॉलर यानी लगभग सात लाख करोड़ रुपये भी फूंके हैं। हालांकि, इमरान ने इस बात को बेहद शातिर तरीके से कबूल की है। उनका कहना है कि पाक से प्रशिक्षित हुए मुजाहिद्दीन ने सोवियत के खिलाफ जिहाद किया था। इन्हें अमरीका के CIA से फंडिंग मिलती थी।
Pakistani PM Imran Khan: We lost 70,000 people, we lost over a 100 billion dollars to the economy. In the end, we were blamed for the Americans not succeeding in Afghanistan. I felt it was very unfair on Pakistan. (3/3)
— ANI (@ANI) September 13, 2019
अमरीका के CIA से मिलती थी फंडिंग
पाकिस्तानी पीएम इमरान, '80 के दशक में सोवियत ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया था। उस वक्त हम इन मुजाहिद्दीन लोगों को इसके खिलाफ जिहाद करने की ट्रेनिंग देते थे। मुजाहिद्दीनों को पाकिस्तान ने ही प्रशिक्षित किया। इन लोगों को अमरीका के CIA से फंड मिलता था।'
नहीं देना चाहिए था अमरीका का साथ
इमरान ने अमरीका पर तंज कसते हुए कहा, 'दशकों बाद अब अमरीका अफगानिस्तान पहुंचा। और वही समूह जो पाकिस्तान में है, उन्हें लगता है कि अब अमरीकी यहां हैं तो अब जिहाद नहीं बचा। इसे अब आतंकवाद कहना शुरू कर दिया।' पाक प्रधानमंत्री ने आगे कहा,'यह बहुत बड़ा विरोधाभास था। मुझे लगता है कि पाकिस्तान को न्यूट्रल रहना चाहिए था। इसमें शामिल होने से ये सभी हमारे खिलाफ हो गए। हमने अपने 70,000 लोगों को खोया अपनी अर्थव्यवस्था के सात लाख करोड़ रुपये गंवाए। और आखिरकार हमें मिला क्या? अमरीका ने हमपर ही अफगानिस्तान में असफल होने का आरोप लगाया। मुझे लगता है कि यह पाकिस्तान के साथ अन्याय हुआ है।'
पाकिस्तान के गृह मंत्री का बयान
गौरतलब है कि गुरुवार को पाकिस्तान के गृह मंत्री एजाज अहमद शाह ने भी एक डिबेट शो के दौरान कहा था पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जमात-उद-दावा पर अरबों रुपये खर्च किए हैं। एजाज अहमद ने यह भी दावा किया था कि अब इमरान सरकार ने इन आतंकी संगठनों को मुख्यधारा में लाने की योजना में है। अब सरकार की आतंकियों को नौकरी और पैसे देने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
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