कुश्ती दंगल देगा पहलवानों को नया मंच, दिल्ली में इन हस्तियों के बीच हुई इसकी शानदार लॉन्चिंग

नई दिल्ली। हिंदुस्तान में कुश्ती को बढ़ावा देने और एक नया मंच प्रदान करने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (Wrestling Federation of India) ने एक नया प्लेटफॉर्म तैयार किया है। सोमवार को राजधानी दिल्ली के ली मेरेडियन होटल में लीग की तर्ज पर ही कुश्ती दंगल की लॉन्चिंग की गई। ये कुश्ती दंगल उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों में कराया जाएगा। इस दंगल का पहला सीजन 3 नवंबर से शुरू होगा और इसमें 8 फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी।

इन हस्तियों ने कुश्ती दंगल की बढ़ाई गरिमा

कुश्ती दंगल की लॉन्चिंग के मौके पर कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और सांसद बृजभूषण शरण सिंह और कुश्ती दंगल के ब्रैंड एंबेसडर और बीजेपी सांसद रवि किशन मंच पर मौजूद थे। इसके अलावा कुश्ती दंगल की लॉन्चिंग में पहलवान सुशील कुमार, विनेश फोगाट, दिव्या ककरण और संदीप तोमर भी पहुंचे थे। इन सभी की मौजूदगी में कुश्ती के इस नए मंच को लॉन्च किया गया।

बृजभूषण ने की कुश्ती को राष्ट्रीय खेल बनाने की मांग की

इस कार्यक्रम में सांसद और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कुश्ती को राष्ट्रीय खेल बनाने की बात भी कही। उन्होंने इस मुहिम को छेड़ते हुए रवि किशन से ये आग्रह किया कि वो इसको लेकर संसद में प्रस्ताव रखें। बृज भूषण ने इस दौरान कहा कि कुश्ती को रामायण और महाभारत के काल से किसी ना किसी रूप में खेला जाता है। यही कारण है कि वह कुश्ती को राष्ट्रीय खेल बनाने के लिए संसद में प्रस्ताव लेकर आएंगे।

इन राज्यों से होगा खिलाड़ियों का चयन

कुश्ती दंगल का आयोजन बनारस और जयपुर में होगा, लेकिन इसमें खेलने वालीं 8 टीमों के खिलाड़ियों का चयन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड से किया जाएगा। हर टीम में 4 पुरुष और 3 महिला रेसलर्स शामिल होंगी और इनके मैच 7 वज़न श्रेणियों में होंगे। कुश्ती दंगल का प्रसारण जी नेटवर्क पर होगा। ये आयोजन 19 दिन तक चलेगा।

पत्रिका ने की सुशील कुमार से बातचीत

इस कार्यक्रम में पत्रिका ने पहलवान सुशील कुमार से बातचीत की। खेल संवाददाता मनोज कुमार शर्मा ने जब सुशील कुमार से पूछा कि आपने लंबे समय बाद वापसी की है और वह उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है इस पर क्या कहना चाहेंगे? इस पर सुशील ने कहा कि एक खिलाड़ी हमेशा अच्छी उम्मीद के साथ खेलता है परिणाम उसके वश में नहीं होता। मेरी उम्मीद रहेगी कि मैं अपने देश के लिए अधिक से अधिक खेल सकूं। आपको बता दें कि सुशील कुमार 8 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप में उतरे थे, लेकिन पहले ही राउंड में हारकर बाहर हो गए थे।



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