पाकिस्तान को यूरोपीय संघ से मिलेगा तगड़ा झटका! उठी धार्मिक स्वतंत्रता भंग करने वाले देश की सूची में शामिल की मांग
लंदन। पाकिस्तान का आतंकियों को बढ़ावा और अल्पसंख्यकों का दमन करना अब भारी पड़ा रहा है। कश्मीर मुद्दे पर एक-एक कर हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर फेल हो रहे पाकिस्तान के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो रही है। दरअसल, अब मांग उठ रही है कि पाक को धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करने वाले देशों की सूची में डालने की मांग उठ रही है।
जेनेवा में हुई EU की बैठक
UNPO (अनप्रजेंटेड नेशन एंड पीपल्स ऑर्गेनाइजेशन) के महासचिव राल्फ बुनचे ने यूरोपीय संघ के सामने यह मांग रखी है। गुरुवार को यूरोपीय संघ की जेनेवा में एक बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान निवासी अल्पसंख्यकों की दुर्गति और बदहाल परिस्थितियों को लेकर चर्चा हुई। इसी दौरान बुनचे ने यह आग्रह किया। बैठक में बुनचे पाकिस्तान के खासकर सिंध इलाके में धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया। बुनचे ने कहा, 'पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता के विषय पर काफी दिनों से बात होती आ रही है और ये बेहद जरूरी भी है।
R Bunche: Last Nov US Dept of State designated Pak as a country of particular concern under Int'l Religious Freedom Acts which puts it in company of some horrible states in terms of religious freedom & says you can’t ignore problems with religious extremism & persecution in Pak. https://t.co/vLzSJYVPco
— ANI (@ANI) September 12, 2019
अमरीका भी उठा चुका है पाक के खिलाफ ऐसा कदम
अपने संबोधन में बुनचे ने कहा कि बीते नवंबर में अमरीकी गृह विभाग भी पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियमों के तहत विशेष चिंता वाले देश के रूप में नामित कर चुका है। इस तरह यह बात छिपी है नहीं है कि पाकिस्तान धार्मिक स्वतंत्रता के लिहाज से भयानक देशों वाली श्रेणी में है। बुनचे ने जोर दिया कि अब पाकिस्तान में धार्मिक अतिवाद से फैल रहे उत्पीड़न को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
इस तरह होता है अत्याचार
बैठक में पाकिस्तान में धर्म के आधार पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे भेदभाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचन हुई। कहा गया कि पाक अपने अल्पसंख्यकों निवासियों पर नकेल कसने की कोशिश में रहता है। मुस्लिम बहुल देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, सामूहिक हत्या, असाधारण व अप्राकृतिक हत्या, बलात्कार, अगवा कर हत्या या इस्लाम में जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दिया जाता है। ऐसी घटनाएं वहां से लगातार सामने आती रहती है।
इन धर्मों के लोगों को बनाया जाता है निशाना
बुनचे ने बैठक में बताया कि पाकिस्तान में रहने वाले कई अल्पसंख्यकों में हिंदू, ईसाई, सिख, अहमदिया और शिया सबसे अधिक उत्पीड़ित वर्गों में एक हैं। बुनचे ने UNPO से उम्मीद जताई कि यूरोपीय संघ इस मामले में अमरीका से सबक लेगा और पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा कदम लेते हुए उसे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता मानकों के भारी उल्लंघनकर्ता करार देगा। इसके साथ-साथ EU पाक को सामान्य हालात में दी जाने वाली मदद पर भी रोक लगाना सुनिश्चित करेगा।
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