भारत और अमरीका के बीच हुआ बड़ा समझौता, अब से हर साल मिलेगा 50 लाख टन LNG
नई दिल्ली। शनिवार को ह्यूस्टन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल सेक्टर के 16 मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात की और भारत में ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत की। अमरीकी कंपनियों के CEO से मुलाकात के बाद भारत और अमरीका के बीच टेल्यूरियन और पेट्रोनेट कंपिनयों के साथ लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के लिए समझौता हुआ है। इस समझौते से भारत को काफी फायदा मिलेगा।
आसानी से मिलेगा LNG
आपको बता दें कि इस समझौते के तहत भारत को आने वाले दिनों में पांच मिलियन टन LNG आसानी से मिल जाएगा। टेल्यूरियन और पेट्रोनेट ने इसके लिए ट्रैन्ज़ैक्शन एग्रीमेंट को मार्च, 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है कि इस समझौते से आने वाले दिनों में भारत में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में ये समझौता काफी काम आएगा।
Houston: Tellurian and Petronet will aim to finalise the transaction agreements by 31 March 2020. #UnitedStates https://t.co/yr0uZHRJLN
— ANI (@ANI) September 22, 2019
भारत में कर सकती हैं निवेश
पीएम मोदी की इस मुलाकात को काफी फायदेमंद माना जा रहा है। आने वाले समय में यह सभी कंपनियां भारत में निवेश भी कर सकती हैं। दरअसल प्रधानमंत्री के इस दौरे में कई अमेरिकी कंपनियों को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में निवेश करने के लिए भी ऑफर दिए जाने की योजना पर भी काम चल रहा है।
MoU पर हुए हस्ताक्षर
इस समझौते के बाद दोनों देशों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के बाद पांच मिलियन टन एलएनजी के लिए एमओयू साइन किया गया। यह समझौता शनिवार को ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेल सेक्टर के सीईओज से मुलाकात के दौरान हुआ है।
Unites States: Prime Minister Narendra Modi holds round table meeting with oil sector CEOs in Houston. pic.twitter.com/D8918ndGkW
— ANI (@ANI) September 21, 2019
अमरीका से खरीदते हैं तेल
अमरीका ने 2017 में भारत को क्रूड ऑयल बेचना शुरू किया और आज वह एक प्रमुख स्रोत बन रहा है। अमरीका से आपूर्ति वित्त वर्ष 2018-19 में चार गुनी से ज्यादा बढ़कर 64 लाख टन हो चुकी है। अमरीका से आपूर्ति के पहले सत्र वित्त वर्ष 2017-18 में सिर्फ 14 लाख टन आपूर्ति हुई थी। भारत ने नवंबर 2018 से मई 2019 तक अमरीका से प्रतिदिन 1,84,000 बैरल तेल खरीदा है।
इन देशों से कर रहे हैं आयात
कंपनी की ओर से कहा गया था कि इसमें प्रस्तावित एलएनजी टर्मिनल के साथ ही प्राकृतिक गैस उत्पादन, एकत्रीकरण, प्रसंस्करण और परिवहन सुविधाएं शामिल हैं। भारत पहले एलएनजी के लिए केवल कतर पर निर्भर था। अब अमरीका के साथ ही रूस और ऑस्ट्रेलिया से भी एलएनजी का आयात हो रहा है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal
Read The Rest:Patrika...
Post a Comment