'EVM में किसी भी तरह टेंपरिंग संभव ही नहीं' , विपक्ष के आरोपों पर बोले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले विपक्षी दलों ने ईवीएम पर ढेरों आरोप लगाएं और हर बार चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया। अब मतगणना से पहले एकबार फिर VVPAT की कम से 50 प्रतिशत पर्चियों का मिलान मांग को ठुकराए जाने के बाद पूर्व चुना आयुक्त ओपी रावत का बयान आया है। उन्होंने कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाना गलत है, क्योंकि इसकी सुरक्षा एक बेहद सख्त होती है।
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EVM चुनाव का ये सबसे सुरक्षित माध्यम: रावत
ओपी रावत ने कहा ईवीएम के साथ छेड़छाड़ किया जाना संभव ही नहीं है। चुनाव प्रक्रिया के बाद इसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। जहां सभी दलों के प्रतिनिधि हर वक्त मौजूद होते हैं। उनकी मौजूदगी में गिनती के लिए इसे बाहर निकाला जाता है। ऐसे में किसी भी तरह टेंपरिंग संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि एम-3 ईवीएम अपडेट वर्जन की मशीन है। ये इस तरह डिजाइन किया गया है कि अगर कोई इसे छेड़छाड़ की कोशिश भी करेगा तो ये फैक्ट्री मोड में चली जाएगी और काम की नहीं रहेगी। चुनाव का ये सबसे सुरक्षित माध्यम है।
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OP Rawat , Former Chief Election Commissioner: In fact when making EVM ready for the polling, a mock poll is again conducted at polling station where all the polling agents are asked to vote & then count, so all these arrangements ensure that EVMs can't be tampered with. https://t.co/X0ozHNtsbz
— ANI (@ANI) May 22, 2019
आयोग ने फिर खारिज की विपक्ष की मांग
22 विपक्षी पार्टियों ने EVM और VVPAT की पर्चियों को मिलान करने की मांग की थी। ईवीएम को लेकर उठाए जा रहे सवालों को देखते हुए मतगणना से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने बैठक बुलाई। काफी देर चर्चा के बाद आयोग ने विपक्ष की मांग को सिरे से खारिज कर दी। चुनाव आयोग ने कहा कि अब नियमों में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
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