इस अंक को मुस्लिम ही नहीं, हिन्दू भी मानते हैं लकी, जानें इसका रहस्य
***** अंक के बारे में तो आपने सुना ही होगा। मुस्लिम समुदाय इस अंक को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। मुस्लिम समुदाय के लोग इसे लकी अंक मानते हैं लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि ***** अक हिन्दुओं के लिए भी बहुत ही महत्वपूर्ण है।
आइये पहले जानते हैं कि आखिरकार इस्लाम में ***** अंक को क्यों इतना महत्व दिया जाता है।
- मुसलमान ***** अंक को बेहद पाक एवं बिस्मिल्ला का रूप मानते हैं।
- उर्दू में ‘बिस्मिल्ला अल रहमान अल रहीम’ को लिखकर उसका योग करने पर ***** आता है।
- इस्लाम को मानने वाला हर बंदा खुदा की इनायत मानता है. यही कारण है कि इस्लाम को मानने वाले लोग अपने हर काम में ***** अंक को शामिल करना शुभ मानते हैं।
हिन्दू धर्म में भी है महत्वपूर्ण
- ***** अंक का संबंध देवकी नंदन भगवान श्रीकृष्ण से है।
- बांसुरी के सात छिद्रों से सात स्वरों के साथ अपने हाथों की तीन-तीन अंगुलियों से यानी छह अंगुलियों से श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते थे।
- बांसुरी के (7) सात छिद्रों से बने सात स्वरों को देवकी के आठवें (8) पुत्र प्रिय श्रीकृष्ण ने अपनी (6) अंगुलियों से बजाते थे।
- यही कारण है कि ***** अंक को हिन्दू धर्म में भी महत्वपूर्ण माना जाता है.
***** का हिन्दू धर्म से दूसरा संबंध
प्रसिद्ध शोधकर्ता राफेल पताई ने 'द जीविस माइंड' में लिखा है कि ***** अंक की आकृति को गौर से जाएए तो यह बिल्कुल संस्कृत में लिखा हुआ ‘ऊँ’ दिखाई देगी। अगर इसे परखने और जांचने किए हिन्दी में ७८६ (786) लिखा जाए तो इसका जवाब खुद मिल जाएगा।
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